मेरी समझ से

2. दो गौरैया मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा (★) बनाइए:

1. पिताजी ने कहा कि घर सराय बना हुआ है, क्योंकि –

  1. घर में विभिन्न पक्षी और जीव-जंतु रहते हैं।
  2. घर में विभिन्न जीव-जंतु आते-जाते रहते हैं।

2. कहानी में ‘घर के असली मालिक’ किसे कहा गया है?

3. गौरैयों के प्रति माँ और पिताजी की प्रतिक्रियाएँ कैसी थीं?

4. माँ बार-बार पिताजी की बातों पर मुस्कुराती और मज़ाक करती थी। इससे पता चलता है?

5. कहानी में गौरैया के बार-बार लौटने को जीवन के किस पहलू से जोड़ा जा सकता है?

  1. अपने प्रयास को निरंतर जारी रखना।

मिलकर करें मिलान

  1. वह शोर मचता है कि कानों के पर्दे फट जाएँ, लोग कहते हैं कि पक्षी गा रहे हैं! = पिताजी को पक्षियों का चहकना शोर जैसा लगता था, लेकिन लोगों को वह संगीत लगता था।
  2. आँगन में आम का पेड़ है। तरह-तरह के पक्षी उस पर डेरा डाले रहते हैं। = आम के पेड़ पर अलग-अलग प्रकार के पक्षी हर समय निवास करते हैं।
  3. वह धमा-चौकड़ी मचती है कि हम लोग ठीक तरह से सो भी नहीं पाते। = चूहे की भागदौड़ और शोर इतना होता है कि घर के लोग चैन से सो नहीं पाते।
  4. वह समझते हैं कि माँ उनका मज़ाक उड़ा रही हैं। = पिताजी को ऐसा भ्रम होने लगता है कि माँ उनकी चेष्टाओं का उपहास कर रही हैं।
  5. पिताजी ने लाठी दीवार के साथ टिकाकर रख दी और छाती फैलाए कुर्सी पर आ बैठे। = पिताजी ने लाठी एक ओर रख दी और गर्व से विजयी मुद्रा में बैठ गए।
  6. इतने में रात पड़ गई = कहानी की घटनाओं के बीच धीरे-धीरे रात हो गई और अँधेरा छा गया।
  7. जब हम लोग नीचे उतरकर आए तो वे फिर से मौजूद थीं और मज़े से बैठी मल्हार गा रही थीं। = गौरैया फिर से लौट आई थीं और शांत व प्रसन्न भाव से चहक रही थीं जैसे कोई राग गा रही हों।

पंक्तियों पर चर्चा

(क) आपको कहानी का कौन-सा पात्र सबसे अच्छा लगा? घर पर रहने आई गौरैया, माँ, पिताजी, लेखक या कोई अन्य प्राणी?

=> माँ जब पिताजी का मज़ाक बना रही थीं, जब पिताजी गौरैया को भगाने की कोशिश कर रहे थे, वह देखकर माँ की बातें अच्छी लगीं।

(ख) लेखक के घर में चिड़िया ने अपना घोंसला कहाँ बनाया? उसने वहीं क्यों बनाया होगा?

=> लेखक के घर में चिड़िया ने अपना घोंसला बैठक के पंखे के गोले में बनाया, क्योंकि वहाँ पर किसी का हाथ नहीं पहुँचता है। इसलिए शायद वह जगह सुरक्षित होगी।

प्रश्न: क्या आपको लगता है कि पशु-पक्षी भी मनुष्यों के समान परिवार और घर का महत्त्व समझते हैं? अपने उत्तर के समर्थन में उदाहरण दीजिए।

उत्तर: हाँ, क्योंकि जब पिताजी गौरैया का घोंसला पंखे के गोले से निकाल रहे थे, तब दोनों गौरैया बहुत उदास थीं और उन्हें चिंता हो रही थी कि उनके छोटे-छोटे बच्चों का क्या होगा।

प्रश्न: कहानी में गौरैया ने किन-किन स्थानों से घर में प्रवेश किया था? सूची बनाइए।

i) दरवाज़े से ii) रोशनदान से iii) खिड़की से iv) दरवाज़े के नीचे से

प्रश्न: इस कहानी को कौन सुना रहा है? आपको यह बात कैसे पता चली?

उत्तर: इस कहानी को लेखक (भीष्म साहनी) सुना रहे हैं। यह बात इस उदाहरण से पता चलती है – “घर में हम तीन ही व्यक्ति रहते हैं – माँ, पिताजी और मैं।”

अनुमान और कल्पना से

(क) कल्पना कीजिए कि आप उस घर में रहते हैं जहाँ चिड़ियाँ अपना घर बना रही हैं। अपने घर में उन्हें देखकर आप क्या करते?

=> अगर मेरे घर में चिड़ियाँ अपना घोंसला बनातीं, तो मैं उन्हें परेशान नहीं करती। मैं उनके लिए एक ऊँचे और सुरक्षित स्थान पर दाना और पानी रखती। मैं उन्हें तिनके लाते और घोंसला बनाते बड़े चाव से देखती और यह ध्यान रखती कि उन्हें किसी भी प्रकार का डर महसूस न हो।

(ख) मान लीजिए कि कहानी में चिड़िया नहीं, बल्कि नीचे दिए गए प्राणियों में से कोई एक प्राणी घर में घुस गया है। ऐसे में घर के लोगों का व्यवहार कैसा होता? क्यों?

=> यदि घर में चूहा या कॉकरोच घुस आता, तो घर के लोग उन्हें भगाने की कोशिश करते, क्योंकि वे गंदगी फैलाते हैं और सामान कुतर देते हैं। वहीं अगर तितली होती, तो सभी खुश होते और उसे निहारते। प्राणियों के प्रति हमारा व्यवहार उनके स्वभाव और उनसे होने वाले लाभ या हानि पर निर्भर करता है।

ग) “मैं अवाक् उनकी ओर देखता रहा।” लेखक को विस्मय या हैरानी किसे देखकर हुई? उसे विस्मय क्यों हुआ होगा?

=> लेखक को विस्मय उन नन्ही-नन्ही गौरैयों को देखकर हुआ, क्योंकि उसे यह पता नहीं था कि घोंसले में नन्ही चिड़ियाँ हैं। और जब उन गौरैयों ने घोंसले से सिर निकालकर देखा, तब उसे विस्मय हुआ।

लेखन कौशल

संवाद लेखन

जब गौरैया ने पहली बार घर में प्रवेश किया, तो उन्होंने आपस में क्या बातें की होंगी? इस विषय पर संवाद:

गौरैया: चलो, इस घर में देखकर आते हैं। यह घर अच्छा दिख रहा है।

गौरा: चलो, देखकर आते हैं।

गौरैया: यह घर तो बाहर से बहुत सुंदर है और घर के सामने आम का पेड़ है।

गौरा: हम इस आम के पेड़ पर घोंसला बना सकते हैं।

गौरैया: आप सही बोल रहे हो, हमारे अंडे भी सुरक्षित रहेंगे।

गौरा: चलो, घर के अंदर जाकर आते हैं।

गौरैया: चलो!

गौरा: यह घर तो अंदर से भी सुंदर है।

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