Husharmulga.com Uncategorized पाठ 1: आओ करें प्रणाम

पाठ 1: आओ करें प्रणाम

बहुविकल्पीय प्रश्न

सही उत्तर पर निशान लगाइए।

1. इस प्रार्थना में किसको प्रणाम करने के लिए कहा गया है?

क) कवि को
ख) जग को
ग) प्रभु को
घ) अपने को

2. किसने सुंदर जग बनाया है?

क) कुम्हार ने
ख) ईश्वर ने
ग) गुरु ने
घ) प्रकृति ने

3. किसने तारों के दीप जलाए?

क) प्रभु ने

नोट: चित्र में इस प्रश्न के लिए केवल एक ही विकल्प स्पष्ट रूप से लिखा गया है।

4. सुंदर वन, नदियाँ, पर्वत, सागर और बादल किसने बनाए?

क) इंजीनियर ने
ख) चाँद ने
ग) प्रभु ने


प्रश्नोत्तर

1. कविता में किसको प्रणाम करने के लिए कहा गया है?

उत्तर: प्रभु (ईश्वर) को प्रणाम करने के लिए कहा गया है।

2. उस प्रभु ने क्या-क्या बनाया है?

उत्तर: प्रभु ने फल, फूल, सूरज-चाँद, वन, नदियाँ, पर्वत और सागर बनाए हैं।

3. उस प्रभु ने किसके दीप जलाए हैं?

उत्तर: तारों के दीप जलाए हैं।

4. ‘उसको’ शब्द किसके लिए कहा गया है?

उत्तर: ‘उसको’ शब्द ‘प्रकृति’ के लिए कहा गया है।

5. प्रकृति को ‘अद्भुत’ क्यों बताया गया है? सोचकर लिखिए।

उत्तर: प्रकृति को अद्भुत बताया गया है क्योंकि सूरज-चाँद रोज़ समय पर उगते और समय पर डूब जाते हैं। आकाश में तारों के दीप लगाए गए हैं। सुंदर वन, नदियाँ, जंगल, पर्वत, सागर और बादल हमारे काम आते हैं। पेड़ हमें फल, फूल और छाया देते हैं, इसलिए प्रकृति को अद्भुत कहा गया है।


व्याकरण

विलोम शब्द

शब्दविलोम शब्द
सूरजचाँद
दिनरात
खूबकम
सुंदरअसुंदर (कुरूप)
ऊँचानीचे
स्वस्थअस्वस्थ

पर्यायवाची शब्द

शब्दपर्यायवाची शब्द
प्रणामनमस्कार, नमन
जगसंसार, दुनिया
चाँदशशि, इंदु
दीपदीया, प्रकाश
नदीसरिता
सागरसमुद्र, उदधि
सुंदरखूबसूरत, मोहक
सूरजरवि, दिनकर
तारेसितारे, तारिका
वनजंगल, अरण्य
पर्वतगिरि, नग
बादलमेघ, घन

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