कठिन शब्दों के अर्थ

आग उगलना–  बहुत गरमी पड़ना;

आँतें कुलबुलाना–  बहुत भूख लगना;

झड़बेरियाँ–  झाड़ियों पर लगने वाली छोटी-छोटी बेरियाँ;

कोसना–  बुरा-भला कहना;

विपत्ति–  मुसीबत;

अन्न–  अनाजः

वीरान–  सुनसान;

पाप–    बुरा काम;

गला रुँध जाना–  बहुत अधिक भावुक होने के कारण बोल न पाना;

अचेत –  बेहोश,

पर्याप्त–  काफ़ी।

मौखिक प्रश्न

(क) पाठ में किस मौसम की बात कही जा रही है?

उत्तर: गर्मी के मौसम की बात कही जा रही है।

(ख) आदमी कई दिनों से भूखा क्यों था?

उत्तर: क्योंकि गाँव में न बारिश हुई थी, न अन्न उगा था और खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा था।

(ग) लोगों ने काम करना क्यों बंद कर दिया था?

उत्तर: क्योंकि भूख नहीं थी, इसलिए काम करने की प्रेरणा भी नहीं रही।

(घ) लोग काम क्यों करते हैं?

उत्तर: लोग अपनी भूख मिटाने के लिए काम करते हैं।

1. सही विकल्प के सामने ✓ का निशान लगाइए:

(क) ‘सूरज आग उगल रहा था।‘ का अर्थ है-
(1)
सूरज से आग की लपटें निकल रही थीं।
(2)
सूरज के मुँह से आग निकल रही थी।
(3)
बहुत अधिक गरमी थी।

  बहुत अधिक गरमी थी।

(ख) ‘आँतें कुलबुलाने‘ का अर्थ है-
(1)
पेट में दर्द होना
(2)
दोनों उत्तर सही हैं
(3)
बहुत अधिक भूख लगना

बहुत अधिक भूख लगना

(ग) आदमी किसे कोस रहा था?
(1)
गरमी को
(2)
मौसम को
(3)
भूख को

आदमी किसे कोस रहा था?

(घ) दुनिया में भूख क्यों है?
(1)
मनुष्य के लालच के कारण
(2)
अन्न की कमी के कारण
(3)
काम न करने के कारण

(1) मनुष्य के लालच के कारण

(ङ) आदमी को अपना गाँव क्यों छोड़ना पड़ा?
(1) उसके गाँव में बीमारी फैल गई थी।
(2)
अकाल के कारण, भोजन की तलाश में उसे गाँव छोड़ना पड़ा।
(3)
अकेले मन ऊब जाने के कारण उसे गाँव छोड़ना पड़ा।

(2) अकाल के कारण, भोजन की तलाश में उसे गाँव छोड़ना पड़ा।

2. वाक्य पूरे कीजिए:

(क) वह जंगल की झड़बेरियों या फल खाकर भूख मिटाना चाहता था।

(ख) सारा गाँव वीरान हो गया था।

(ग) यदि दुनिया में भूख न हो तो धरती पर स्वर्ग उतर आएगा।

(घ) धरती पर स्वर्ग नहीं नरक उतर आया था।

(ङ) प्रकृति ने पेट भरने के लिए पर्याप्त भंडार दिए हैं।

3. दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

(क) आदमी कहाँ जा रहा था?

उत्तर: वह जंगल की ओर जा रहा था ताकि झड़बेरियों या फलों से अपनी भूख मिटा सके।

(ख) आदमी का गाँव क्यों वीरान हो गया था?

उत्तर: गाँव में न बारिश हुई थी और न अन्न उपजा था, इसलिए लोग गाँव छोड़कर चले गए थे

(ग) कुछ समय पहले तक जंगल कैसा था?

उत्तर: जंगल बहुत हरा-भरा था और फलों से लदा हुआ था।

(घ) लोग काम क्यों करते हैं?

उत्तर: लोग भूख मिटाने के लिए काम करते हैं।

(ङ) अकाल जैसी स्थिति के लिए मनुष्य क्यों जिम्मेदार है?

उत्तर: क्योंकि उसने लालच में आकर प्रकृति का दोहन किया और संतुलन बिगाड़ दिया।

4. पाठांश पर आधारित प्रश्न

नीचे दिए गए पाठांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

उसने आस-पास देखा। लोग जहाँ-तहाँ गप्पें लड़ा रहे थे या बैठे हुए थे। वह पैदल ही गाँव की ओर चलने लगा। रास्ते भर उसे न बस मिली, न मोटर गाड़ी। ऐसा लगता था मानो लोग जीवित मूर्तियाँ बन गए हैं। चारों ओर गंदगी ही गंदगी थी। धरती पर स्वर्ग नहीं, नरक उतर आया था।

(क) ‘उसने आस-पास देखा।‘ यहाँ ‘उसने‘ का प्रयोग किसके लिए किया गया है?

‘उसने’ का प्रयोग आदमी के लिए किया गया है।

(ख) लोग जहाँ-तहाँ गप्पें क्यों लड़ा रहे थे?

क्योंकि भूख नहीं थी, काम नहीं था, इसलिए लोग समय बिताने के लिए गप्पें लड़ा रहे थे।

(ग) लोगों को ‘जीवित मूर्तियाँ‘ क्यों कहा गया है?

लोगों को ‘जीवित मूर्तियाँ’ इसलिए कहा गया क्योंकि वे कुछ कर नहीं रहे थे, बस जड़वत बैठे थे।

(घ) धरती पर नरक क्यों उतर आया था?

धरती पर गंदगी, निष्क्रियता और अराजकता का माहौल था, इसलिए ऐसा लग रहा था जैसे नरक उतर आया हो।

भाषा से

1.’होश → बेहोश’ – इसी तरह ‘बे’ उपसर्ग लगाकर पाँच अन्य शब्द अपनी कॉपी में लिखिए।

·  ऐमन → बेऐमन

·  परवाह → बेपरवाह

·  इज्ज़त → बेइज्ज़त

·  चैन → बेचैन

·  फायदा → बेफायदा

(i) दोनों शब्द सार्थक हैं:(ii) पहला सार्थक, दूसरा निरर्थक:(iii) दोनों निरर्थक:
पाप-पुण्यचाय-शायअक्कड़-बक्कड़
इधर-उधरपानी-वानीगप-शप
आदर-सत्कारअंट-शंट
हरा-भराबकर-बकर
गड्ड-मड्ड

3. दिए गए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए:

(क) बढ़ा: किसान ने उत्पादन बढ़ा दिया।
बड़ा: राम मेरे भाई से बड़ा है।

(ख) हाल: तुम्हारे पिता का हाल कैसा है?
हॉल: हम सब हॉल में एकत्रित हुए।

(ग) अन्न: अन्न हमारे जीवन का आधार है।
अन्य: अन्य बच्चों ने भी भाग लिया।

(घ) काफ़ी: आज का काम काफ़ी है।
कॉफ़ी: मैंने सुबह कॉफ़ी पी।

दिए गए वाक्यों को जोड़कर एक वाक्य लिखिए।

(क) वह जंगल से निकला।  उसने एक गाड़ीवान को देखा।

वह जंगल से निकला और उसने एक गाड़ीवान को देखा।

(ख) मनीषा ने खाना खाया।  मनीषा पढ़ने बैठ गई।

मनीषा खाना खाकर पढ़ने बैठ गई।

(ग) एकांश ने अपना बल्ला लिया।  एकांश खेलने चलना गया।

एकांश अपना बल्ला लेकर खेलने चल पड़ा।

पढ़िए, समझिए और प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

(क) ‘कण-कण बना अंगारा’ का क्या अर्थ है?

उत्तर: इसका अर्थ है कि धरती का हर कण आग की तरह तप रहा है, चारों ओर भीषण गरमी फैली हुई है।

(ख) बहुत अधिक गरमी की स्थिति को दिखाने के लिए कवि ने किन शब्दों का प्रयोग किया है?

उत्तर: कवि ने “तपती धरती”, “तपता अंबर”, “कण-कण बना अंगारा”, “झुलस रही हरियाली” जैसे शब्दों का प्रयोग किया है।

(ग) गरमी का पशु-पक्षियों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?

उत्तर: गरमी से परेशान होकर पक्षी अपने घोंसलों में दुबक गए हैं और पशु तेज साँसें लेते हुए हाँफ रहे हैं।

(घ) ‘छाया सिकुड़ने’ का क्या अर्थ है? कवि किस समय का वर्णन कर रहा है?

उत्तर: इसका अर्थ है कि छाया भी इतनी गरमी से परेशान है कि वह खुद छिपने को मजबूर है। कवि दोपहर के समय की भीषण गरमी का वर्णन कर रहा है।

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